रोज सुबह सर्च ऑपरेशन और ATS जांच तेज
पटना सिविल कोर्ट को लगातार मिल रही बम धमकी के मद्देनज़र अब सुरक्षा व्यवस्था को स्थायी रूप से सख्त कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए प्रतिदिन सुबह अदालत खुलने से पहले पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
सुबह 7 बजे से सैनिटाइजेशन और सर्च ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार, सुबह 7:00 बजे से लेकर कोर्ट की कार्यवाही शुरू होने तक पूरे परिसर की जांच की जा रही है। तलाशी पूरी होने के बाद ही सुरक्षा की जिम्मेदारी तैनात कर्मियों को सौंपी जाती है। अधिकारियों ने सुरक्षा ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों को सतर्कता और गहन जांच के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
ATS ने दर्ज किया केस, जांच की मॉनिटरिंग DSP स्तर पर
धमकी भरे ईमेल को लेकर एटीएस ने अपने बयान के आधार पर मामला दर्ज किया है। जांच प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और इसकी निगरानी डीएसपी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं। तकनीकी माध्यमों से भी ईमेल की पड़ताल की जा रही है।
आरोपियों की पहचान के लिए टीम गठित
टाउन डीएसपी राजेश रंजन ने बताया कि संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई है। स्थानीय थाने से तकनीकी सहायता ली जा रही है। उन्होंने कहा कि दो से तीन बार दोबारा धमकी भरे संदेश प्राप्त हुए हैं, लेकिन पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। अब इस तरह की घटनाओं से न्यायिक कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
पिरबहोर थाने की पुलिस की मौजूदगी में रोजाना परिसर की तलाशी ली जा रही है। इसके बाद सुरक्षा की जिम्मेदारी कोर्ट परिसर में तैनात स्टाफ को सौंप दी जाती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब तक 7 बार प्रभावित हुआ कामकाज
अब तक सात से अधिक बार धमकी भरे मेल प्राप्त हो चुके हैं। पहले हर बार ईमेल मिलने पर अदालत को अस्थायी रूप से बंद कर तलाशी अभियान चलाया जाता था, जिससे कामकाज प्रभावित होता था। इस स्थिति से नाराज वकीलों ने सातवीं बार धमकी मिलने पर मुख्य द्वार पर प्रदर्शन भी किया था। बाद में एसएसपी के आश्वासन के बाद विरोध समाप्त हुआ।