जमानत पर सोमवार को फैसला संभव
पटना की अदालत ने पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को दो दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने निर्देश दिया है कि उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में पीएमसीएच में रखा जाए। उनकी जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई की जाएगी।शनिवार को पटना पुलिस ने पप्पू यादव को अदालत में प्रस्तुत किया। इससे पहले उन्हें शुक्रवार देर रात पटना स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था। यह कार्रवाई 31 वर्ष पुराने एक मामले के तहत की गई है। गिरफ्तारी के बाद तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान ले जाया गया, जहां प्रारंभिक उपचार हुआ।
शनिवार सुबह पीएमसीएच में उनकी मेडिकल जांच कराई गई, जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस के माध्यम से पटना सिविल कोर्ट लाया गया।
कोर्ट के आदेश के अनुसार फिलहाल सांसद को पीएमसीएच में चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा। इधर, पटना के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि गिरफ्तारी के समय आधी रात को कुछ समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई में बाधा डाली थी, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। इस घटना को लेकर अलग मामला दर्ज किया गया है और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला वर्ष 1995 से जुड़ा हुआ है। गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में दर्ज केस में शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि उनका मकान धोखाधड़ी के माध्यम से किराये पर लिया गया था।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में एमपी-एमएलए कोर्ट ने संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया था। बताया गया है कि कई बार समन भेजे जाने के बावजूद सांसद अदालत में पेश नहीं हुए, जिसके बाद कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
इस बीच, पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी समर्थन जताते हुए कहा कि पप्पू यादव पटना में नीट छात्रा के कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर मुखर थे, और उनकी आवाज को दबाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है।










