भारतीय बाजार में सोना और चांदी केवल आभूषण नहीं, बल्कि भरोसे का निवेश माने जाते हैं। लेकिन फरवरी की शुरुआत में सर्राफा बाजार ने सभी को चौंका दिया। 6 फरवरी को जारी भावों के मुताबिक, कीमती धातुओं की कीमतों में अचानक तेज गिरावट दर्ज की गई है। चांदी, जो हाल ही में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी, अब फिसलकर ₹2.41 लाख प्रति किलो के आसपास आ गई है। वहीं सोने की कीमतों में भी एक झटके में हजार रुपये से ज्यादा की नरमी देखी गई है। इससे बाजार में खरीदारी को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
चांदी सबसे ज्यादा टूटी
आज चांदी के दामों में ₹13 हजार से ज्यादा की एकमुश्त गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव घटकर ₹2,41,184 प्रति किलो रह गया। अगर पिछले दो दिनों का आंकड़ा देखें, तो चांदी करीब ₹41,000 तक सस्ती हो चुकी है, जो हाल के वर्षों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है।
सोने ने भी छोड़ा ऊंचाई का साथ
24 कैरेट शुद्ध सोने के भाव में आज ₹1,013 प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1,51,489 पर आ गई। बीते दो दिनों में सोना कुल मिलाकर ₹6,600 से ज्यादा कमजोर हुआ है। जानकारों के मुताबिक, जनवरी के आखिरी दिनों में सोना-चांदी अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए थे, लेकिन इसके बाद बाजार ने करवट बदल ली।
कीमतें गिरने की असली वजह क्या है?
सर्राफा बाजार से जुड़े विशेषज्ञ इस गिरावट के पीछे दो अहम कारण बता रहे हैं—
रिकॉर्ड स्तर के बाद बिकवाली:
कीमतें जब ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचीं, तो बड़े निवेशकों ने मुनाफा सुरक्षित करने के लिए सोना और चांदी बेचना शुरू कर दिया, जिससे दबाव बना।
खरीदार पीछे हटे:
ऊंचे दामों के कारण आम ग्राहकों और ज्वेलरी खरीदारों ने खरीदारी टाल दी। मांग घटते ही बाजार में भाव नीचे आने लगे।
खरीदने का सोच रहे हैं? ये चूक न करें
अगर आप इस गिरावट को मौके के रूप में देख रहे हैं, तो खरीदारी से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है—
शुद्धता से समझौता न करें:
हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना ही लें। गहनों पर दिया गया यूनिक कोड सोने की गुणवत्ता की पुष्टि करता है।
कैरेट के हिसाब से कीमत मिलाएं:
24, 22 और 18 कैरेट सोने के रेट अलग होते हैं। खरीद से पहले दिन का ताजा भाव जरूर जांचें और वजन के अनुसार बिल का मिलान करें।










