नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित विश्वस्तरीय AI Expo में बिहार ने अपनी महत्वाकांक्षी तकनीकी योजनाओं और निवेश प्रस्तावों के साथ प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। इस वैश्विक आयोजन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।
कार्यक्रम में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की AI-आधारित विकास रणनीति को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए बिहार को उभरते टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने का रोडमैप साझा किया।
बिहार पवेलियन बना आकर्षण का केंद्र, 468 करोड़ के MoUs पर हस्ताक्षर
AI Expo के दौरान बिहार पवेलियन निवेशकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों के लिए प्रमुख आकर्षण रहा। राज्य सरकार ने कुल 468 करोड़ रुपये की परियोजनाओं और निवेश से जुड़े समझौता ज्ञापन (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।
इन समझौतों के माध्यम से राज्य में डिजिटल अवसंरचना, अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-आधारित तकनीकी विकास को नई दिशा देने का लक्ष्य रखा गया है।
60 करोड़ रुपये से मेगा AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
बिहार सरकार ने Bihar AI Mission के तहत 60 करोड़ रुपये की लागत से Mega AI Centre of Excellence स्थापित करने की घोषणा की है। यह केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और अन्य उभरती तकनीकों के क्षेत्र में अनुसंधान एवं प्रशिक्षण का प्रमुख संस्थान होगा।
इस पहल का उद्देश्य:
- राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना
- युवाओं को उन्नत तकनीकी कौशल से लैस करना
- उद्योगों के साथ अनुप्रयुक्त शोध को बढ़ावा देना
इसके साथ ही, अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत के बीच इंडस्ट्री–एकेडमिक पार्टनरशिप के लिए समझौते भी किए गए, जिससे तकनीक और बाजार की आवश्यकताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।
IIT पटना में 250 करोड़ का रिसर्च पार्क
IIT Patna में 250 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक Research Park स्थापित करने की घोषणा की गई। यह पार्क उद्योगों और शोधकर्ताओं के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा, जहां नवाचार, प्रोटोटाइप विकास और तकनीक हस्तांतरण की प्रक्रिया को गति मिलेगी।
इस परियोजना से उच्च स्तरीय तकनीकी अनुसंधान को प्रोत्साहन मिलेगा और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ सहयोग की संभावनाएं मजबूत होंगी।
158 करोड़ के अतिरिक्त निवेश समझौते
AI, साइबर सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में 158 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश MoUs पर भी हस्ताक्षर किए गए। इन निवेशों के तहत:
- डेटा सेंटर स्थापना
- साइबर सुरक्षा समाधान
- क्लाउड सेवाएं
- डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार
जैसे क्षेत्रों में गतिविधियां तेज की जाएंगी।
नई नीतियों का अनावरण: GCC और सेमीकंडक्टर पर फोकस
AI Expo के दौरान बिहार सरकार ने Bihar GCC Policy 2026 और Bihar Semiconductor Policy 2026 का औपचारिक अनावरण किया।
इन नीतियों के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- बिहार में Global Capability Centers (GCCs) की स्थापना को प्रोत्साहन
- सेमीकंडक्टर एवं चिप डिजाइन उद्योगों को आकर्षित करना
- डेटा, साइबर सुरक्षा और डिजिटल सर्विस सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि निवेशकों को विशेष प्रोत्साहन, अवसंरचना समर्थन और कौशल विकास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
रोजगार और कौशल विकास के लक्ष्य
AI-आधारित विकास रणनीति के तहत राज्य सरकार ने निम्न लक्ष्य निर्धारित किए हैं:
- उभरते क्षेत्रों में 10,000 से अधिक नए रोजगार सृजन
- 50,000 से अधिक युवाओं को AI-लिंक्ड कार्यक्रमों के माध्यम से स्किल डेवलपमेंट
- GCCs, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर सेक्टर में निजी निवेश को आकर्षित करना
सरकार का दावा है कि यह रणनीति परिणाम-उन्मुख होगी, जिसमें तकनीकी विकास को सीधे आर्थिक प्रगति और सामाजिक सशक्तिकरण से जोड़ा जाएगा।