भड़काऊ पोस्ट को लेकर FIR
पटना में शुक्रवार को पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास के आवास पर पुलिस ने छापेमारी की। पाटलिपुत्र और चित्रगुप्त नगर थाने की टीमों ने पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित ‘पटना स्काइज अपार्टमेंट’ के सेकेंड फ्लोर पर फ्लैट नंबर 22 में तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें रूबन अस्पताल में भर्ती कराया गया।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, चित्रगुप्तनगर थाना कांड संख्या 44/26 से जुड़े एक मामले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म—एक्स, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक—पर कथित रूप से तथ्यहीन और भड़काऊ सामग्री पोस्ट की गई थी। मॉनिटरिंग के दौरान पाया गया कि इन पोस्ट और वीडियो में लगाए गए आरोप प्रारंभिक जांच में तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की सामग्री से जांच प्रभावित होने की आशंका है।
यह मामला चित्रगुप्तनगर थाना क्षेत्र स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा के कथित रेप और मौत प्रकरण से संबंधित है। तीन थानों की पुलिस टीम तलाशी और दस्तावेजी जांच में जुटी रही।
मीडिया से क्या बोले अमिताभ दास
छापेमारी के दौरान मीडिया से बातचीत में अमिताभ दास ने आरोप लगाया कि उन्हें गिरफ्तार करने की योजना बनाई जा रही है ताकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को बचाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी हत्या की कोशिश की जा रही है।
दास अपने हाथ में एक तस्वीर लिए दिखे, जिसमें मोकामा विधायक अनंत सिंह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार साथ नजर आ रहे हैं। उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर बयान दिया था कि NEET छात्रा प्रकरण में निशांत कुमार का DNA टेस्ट कराया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री आवास में आने-जाने वाले लोगों के DNA सैंपल लेने की भी मांग की थी। उनका कहना था कि इससे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।
पूर्व विवादों में भी रहे चर्चा में
अमिताभ दास पूर्व में भी अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। वर्ष 2018 में सरकार ने उन्हें अयोग्य करार देते हुए सेवानिवृत्त कर दिया था।
वर्ष 2006 में एक महिला ने उन पर यौन शोषण और विवाह का झूठा वादा करने का आरोप लगाया था। उस समय वे जमुई में BMP-11 के कमांडेंट पद पर तैनात थे। इसके अलावा, देवघर में SP रहते हुए उन पर एक विदेशी महिला के साथ छेड़छाड़ का आरोप भी लगा था।