चाइल्ड ट्रैफिकिंग गिरोह पर शिकंजा
पूर्णिया (बिहार): जिले में चाइल्ड ट्रैफिकिंग से जुड़े एक गंभीर मामले का खुलासा करते हुए पूर्णिया पुलिस ने GMCH से चोरी किए गए दो बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया है। दोनों मासूमों को अस्पताल में भर्ती उनकी मां के पास सकुशल पहुंचा दिया गया है। पुलिस इस मामले को बड़ी उपलब्धि मान रही है और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
9 जनवरी को हुई थी घटना
फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी प्रभारी राजनंदनी ने जानकारी दी कि 9 जनवरी को GMCH के ऑल पीओपी वार्ड से तीन वर्षीय लक्ष्मी कुमारी और चार वर्षीय शुभम कुमार को अज्ञात लोगों ने चोरी कर लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक स्वीटी सहरावत के निर्देश पर SDPO-1 ज्योति शंकर के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई।
विशेष टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर अहम सुराग जुटाए। पुलिस की बढ़ती दबिश के चलते सिंडिकेट से जुड़े लोग बच्चों को मरंगा क्षेत्र के एक इलाके में छोड़कर फरार हो गए। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
बीमारी से जूझ रही मां पर दोहरी मार
बच्चों की मां गुड़िया देवी, जो नेवालाल चौक की निवासी हैं, ने बताया कि वे गंभीर टीबी (क्षय रोग) से पीड़ित हैं और 27 जनवरी को GMCH के ऑल पीओपी वार्ड में भर्ती हुई थीं। उनके पति रामजी दास का भी टीबी के कारण लगभग तीन महीने पहले निधन हो चुका है। पति की मृत्यु के बाद परिवार की जिम्मेदारी पूरी तरह बच्चों पर आ गई थी।
उन्होंने कहा कि अस्पताल से बच्चों के गायब होने की घटना ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था। उन्होंने पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी बच्चों को सुरक्षित वापस लाना पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
चश्मदीद का बयान
आठ वर्षीय शिवानी कुमारी, जो घटना की प्रत्यक्षदर्शी है, ने बताया कि 9 जनवरी को दो महिलाएं रिश्तेदार बनकर वार्ड में आई थीं। वे खाने-पीने का सामान भी लाई थीं, जिसे उसने लेने से मना कर दिया। बाद में उन महिलाओं ने उसे और उसके छोटे भाई-बहनों को बहला-फुसलाकर साथ चलने के लिए तैयार किया। उन्होंने 210 रुपये देने का प्रलोभन दिया और बच्चों को अस्पताल परिसर से बाहर ले गईं। शिवानी के अनुसार, शोर मचाने के बावजूद आसपास पर्याप्त लोग नहीं थे, जिससे आरोपी महिलाएं बच्चों को लेकर भाग निकलीं।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।