रिश्तेदार बनकर आईं महिलाओं ने दिया 210 रुपये का लालच
पूर्णिया के जीएमसीएच (गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) से दो छोटे बच्चों के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। घटना सोमवार शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है। आरोप है कि दो महिलाएं खुद को रिश्तेदार बताकर वार्ड में दाखिल हुईं और महज दस मिनट के भीतर तीन से चार वर्ष के भाई-बहन को अपने साथ ले गईं।
अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज में दो महिलाएं पीली साड़ी और शॉल में नजर आ रही हैं। पुलिस का कहना है कि यही संदिग्ध महिलाएं बच्चों को बहला-फुसलाकर अस्पताल से बाहर ले गईं। बताया गया है कि उन्होंने बच्चों को 210 रुपये देने का लालच भी दिया था।
चश्मदीद बच्ची ने किया पहचान का दावा
घटना के समय वार्ड में मौजूद 8 वर्षीय शिवानी कुमारी ने बताया कि दो महिलाएं खाने-पीने का सामान लेकर आई थीं और रिश्तेदार होने का दावा कर रही थीं। जब उसने सामान लेने से इनकार किया तो महिलाओं ने उसे और उसके छोटे भाई-बहन को पैसे देने का लालच दिया।
शिवानी के अनुसार, महिलाओं ने 210 रुपये थमाए और फिर उसके भाई-बहन को जबरन साथ ले गईं। उसने शोर मचाया, लेकिन आसपास पर्याप्त लोग नहीं होने के कारण महिलाएं मौके से फरार हो गईं। वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों ने भी सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रही महिलाओं की कद-काठी और पहनावे के आधार पर पहचान की पुष्टि की है।
मां अस्पताल में भर्ती, पिता का तीन माह पहले निधन
लापता बच्चों की पहचान लक्ष्मी कुमारी (3 वर्ष) और शुभम कुमार (4 वर्ष) के रूप में हुई है। उनकी मां गुड़िया देवी (35) टीबी की गंभीर बीमारी के कारण 27 जनवरी से जीएमसीएच के ऑल पीओपी वार्ड में भर्ती हैं।
गुड़िया देवी ने बताया कि काफी देर तक बच्चे वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। इसी दौरान बड़ी बेटी रोते हुए लौटी और घटना की जानकारी दी। परिवार ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस को तुरंत सूचित किया।
परिवार पहले से ही कठिन हालात से गुजर रहा है। बच्चों के पिता रामजी दास का टीबी के कारण तीन महीने पहले निधन हो चुका है। ऐसे में बच्चों के लापता होने से मां पूरी तरह टूट चुकी हैं।
पुलिस जांच तेज, सीसीटीवी खंगाले जा रहे
फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी प्रभारी राजनंदनी ने बताया कि सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि संदिग्ध महिलाओं की पहचान के प्रयास जारी हैं और जल्द ही बच्चों को सुरक्षित बरामद करने की उम्मीद है।










